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कà¥à¤¯à¤¾ बीपी बढ़ने का कारण खराब जीवनशैली है? यहाठजानिठबीपी बà¥à¤¨à¥‡ के कई अनà¥à¤¯ कारण। साथ ही पà¥à¥‡à¤‚ इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचने के उपाय।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को अनदेखा करना सही नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कई अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं या जटिलताओं का कारण बन सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में यह जरूरी है कि वक़à¥à¤¤ रहते बीपी बढ़ने का कारण जानकर इसके टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट पर या बचाव पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाà¤à¥¤
यही वजह है कि हम हाई बीपी को मैनेज करने के लिठबीपी बढ़ने का कारण और इससे जà¥à¥œà¥€ अनà¥à¤¯ जानकारियां शेयर कर रहे हैं।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कà¥à¤¯à¤¾ है?
जब बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सामानà¥à¤¯ (120/80 mm Hg) से अधिक हो जाता है, तो उसे हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या हाइपरटेंशन कहते है। आपकी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ के आधार पर आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पूरे दिन बदलता रहता है। अगर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रीडिंग लगातार नॉरà¥à¤®à¤² से ऊपर रहती है, तो हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या हाइपरटेंशन का निदान हो सकता है।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रीडिंग में 2 नंबर होते हैं। ऊपरी संखà¥à¤¯à¤¾ को सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• (systolic) बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और निचली संखà¥à¤¯à¤¾ को डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• (diastolic) बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कहते हैं। उदहारण के साथ समà¤à¥‡à¤‚ तो 120/80 mm Hg,में 120 mm Hg ऊपरी संखà¥à¤¯à¤¾ या सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° है और 80 mm Hg निचली संखà¥à¤¯à¤¾ या डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होती है।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œà¥‡à¤¸
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को निमà¥à¤¨ कैटेगरीज या सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œà¥‡à¤¸ में बांटा गया है:
नॉरà¥à¤®à¤² (Normal): यह बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सामानà¥à¤¯ या नॉरà¥à¤®à¤² सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ है। इसमें सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 120 mm Hg और डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 80 mm Hg से कम होता है।
इलिवेटेड (Elevated): सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 120-129 mm Hg के बीच और डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 80 mm Hg से कम होता है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 1 हाइपरटेंशन: इसमें सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 130-139 mm Hg के बीच या डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 80-89 mm Hg के बीच होती है।
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 2 हाइपरटेंशन: सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 140 mm Hg या उससे अधिक और डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• 90 mm Hg या इससे अधिक होता है।
हाइपरटेंशन कà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ - इस सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° अचानक 180/120 mm Hg या इससे अधिक हो जाता है। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है। इसमें तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट कराने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के पà¥à¤°à¤•ार
सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œà¥‡à¤¸ की तरह ही हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के पà¥à¤°à¤•ार à¤à¥€ हैं। बता दें हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° दो तरह के होते हैं, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
1. पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाइपरटेंशन
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€, या à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल बीपी, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार है। अधिकांश लोगों के लिठजिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस पà¥à¤°à¤•ार का रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª होता है, उनमें यह उमà¥à¤° के साथ-साथ विकसित होता जाता है।
2. सेकंडरी हाइपरटेंशन
अचानक बीपी बढ़ने का कारण सेकंडरी हाइपरटेंशन हो सकता है और यह पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ या à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल हाइपरटेंशन की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक गंà¤à¥€à¤° हो सकता है। सेकंडरी हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° किसी अनà¥à¤¯ हेलà¥à¤¥ कंडीशन, लमà¥à¤¬à¥‡ समय से चलने वाली बीमारी या कà¥à¤› दवाओं के उपयोग के कारण हो सकता है।
आमतौर पर, इसका इलाज करने के बाद या जिन दवाइयों के कारण यह कंडीशन हà¥à¤† है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बंद करने के बाद ठीक हो सकता है।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण
अगर आपके मन में यह सवाल है कि बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बढ़ता है, तो बता दें कि हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या हाइपरटेंशन के पà¥à¤°à¤•ारों के आधार पर इसके कारणों को 2 à¤à¤¾à¤—ों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया जा सकता है। नीचे हमने पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाइपरटेंशन और सेकंडरी हाइपरटेंशन के कारणों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया है:
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ या à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल हाइपरटेंशन को विकसित होने में सालों लग जाते हैं। इसके लिठकई कारण जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकते हैं।
आनà¥à¤µà¤‚शिक- जिन लोगों के परिवार में किसी को हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ रही हो या पेरेंटà¥à¤¸ को हाई बीपी की परेशानी हो तो आपको à¤à¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होने का रिसà¥à¤• हो सकता है।
आयà¥- वृदà¥à¤§ वयसà¥à¤•ों (>60 वरà¥à¤·) को हाई बीपी होने का अधिक रिसà¥à¤• हो सकता है।
मोटापा- अधिक वजन या ओबेसिटी हाई बीपी के जोखिम कारकों में से à¤à¤• है।
कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚- डायबिटीज या किडनी डिसऑरà¥à¤¡à¤°, जैसी कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• कंडीशन हाई बीपी के रिसà¥à¤• को बढ़ा सकती हैं।
जीवन शैली- गतिहीन जीवन शैली, अनहेलà¥à¤¦à¥€ खाने की आदतें और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ या शराब के सेवन जैसी आदतें हाई बीपी का कारण बन सकती हैं।
सेकेंडरी हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण
सेकंडरी हाइपरटेंशन के कई अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनमें शामिल है:
किडनी डिसऑरà¥à¤¡à¤° (Kidney disorders) - अगर किसी को किडनी से संबंधित कोई समसà¥à¤¯à¤¾ लंबे समय से हो।
ऑबà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (Obstructive sleep apnea) - नींद में सांस लेने में रूकावट होना।
थायरॉयड समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ (Thyroid problems) - अगर थयरॉयड गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ थयरॉयड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज़ न कर सके या जरूरत से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थयरॉयड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज़ करे, तो इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बॠसकता है।
जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ हृदय दोष (Congenital heart defects) - इसमें जनà¥â€à¤® लेने के बाद हृदय में असामानà¥â€à¤¯à¤¤à¤¾ देखी जाती है। यही आगे चलकर सेकंडरी हाइपरटेंशन का कारण बन सकता है।
अधिवृकà¥à¤• गà¥à¤°à¤‚थि टà¥à¤¯à¥‚मर(Adrenal gland tumors) - à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤² टà¥à¤¯à¥‚मर (Adrenal tumors) तब होता है, जब à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤² गà¥à¤°à¤‚थि में कोशिकाà¤à¤‚ कà¥à¤› शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ की अधिकता का कारण बनती हैं। वहीं, à¤à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¨à¤² टà¥à¤¯à¥‚मर हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का कारण बन सकता है।
दवाइयां - कà¥à¤› दवाइयां जैसे बरà¥à¤¥ कणà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² की गोलियाà¤, डिकंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚टà¥à¤¸ (Decongestants: दवाई जो बंद नाक को खोलने में राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकती है) और ओवर-द-काउंटर दरà¥à¤¦ निवारक।
बीपी बढ़ने के लकà¥à¤·à¤£
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° वाले अधिकांश वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ का अनà¥à¤à¤µ नहीं करते हैं, जब तक कि उनका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बहà¥à¤¤ अधिक न बॠजाà¤à¥¤ तो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° हाई होने से कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार हो सकते हैं:
बहà¥à¤¤ तेज सिरदरà¥à¤¦
सांस लेने में कठिनाई
दृषà¥à¤Ÿà¤¿ या आंखों में बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿ
नाक से खून आना
थकान
हृदय की अनियमित धड़कन
चेहरा लाल होना
चकà¥à¤•र आना
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के जोखिम कारक
हाई बीपी का रिसà¥à¤• निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के लोगों को हो सकता है:
परिवार में अगर किसी को हाई बीपी है
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों को
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिलाओं को
जो महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियां लेती हैं
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• शराब पीने वालों को
अधिक फैट वाला खाना या बहà¥à¤¤ अधिक नमक खाने वालों को
जिन लोगों को सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ है
बीपी बढ़ने के कारण कà¥à¤¯à¤¾ जटिलताà¤à¤‚ हो सकती है?
अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण निमà¥à¤¨ जटिलताà¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं:
1. हारà¥à¤Ÿ अटैक या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• (Heart Attack or Stroke)
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण आपकी धमनी की दीवारों में फैट, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², या अनà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जमा होने लगते हैं, जिससे आपकी रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ सखà¥à¤¤ हो सकती है। इस वजह से धमनियां संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सकती हैं (à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸) और हारà¥à¤Ÿ अटैक या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
2. à¤à¤¨à¥à¤¯à¥‚रिजà¥à¤® (Aneurysms)
धमनीविसà¥à¤«à¤¾à¤° या à¤à¤¨à¥à¤¯à¥‚रिजà¥à¤® à¤à¤• धमनी की दीवार में बलून जैसा उà¤à¤¾à¤° होता है। धमनियां रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ होती हैं जो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ बà¥à¤²à¤¡ को हृदय से शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में ले जाती हैं। वहीं, जब बà¥à¤²à¤¡ वेसेलà¥à¤¸ में मौजूद धमनीविसà¥à¤«à¤¾à¤° या गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡ जैसा सूजन बड़ा हो जाता है, तो यह फट सकता है और यह रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ या जान के जोखिम का कारण बन सकता है। यह कई कारणों से हो सकता है, जिसमें से à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° à¤à¥€ है।
3. हारà¥à¤Ÿ फेलियर (Heart Failure)
जब बà¥à¤²à¤¡ को बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ में à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ में आपके हृदय को अधिक काम करना पड़ता है, तो हारà¥à¤Ÿ चैमà¥à¤¬à¤° की दीवारें मोटी हो सकती हैं, जिसके कारण हारà¥à¤Ÿ फेल à¤à¥€ हो सकता है।
4. किडनी डिजीज (Kidney Disease)
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° किडनी की रकà¥à¤¤ वाहिकाओं (blood vessels) को संकरी कर सकती है, जिससे रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ कम हो जाता है। जिससे अंततः किडनी में बà¥à¤²à¤¡ वेसलà¥à¤¸ डैमेज हो सकती है, जिससे किडनी ठीक तरह से काम करना बंद कर सकती है।
5. आà¤à¤–ों से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ (Vision Problems)
अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आंखों की छोटी रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है, जिससे दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इससे आपको धà¥à¤‚धला दिखाई दे सकता है या कà¥à¤› मामलों में इससे आपको दिखाई देना à¤à¥€ बंद हो सकता है।
6. मेटाबोलिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (Metabolic Syndrome)
मेटाबोलिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¤• साथ होने वाली कà¥à¤› कंडीशंस का à¤à¤• समूह है। इसमें डायबिटीज, हृदय रोग और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के जोखिम बॠसकते हैं। इन कंडीशंस में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र, वजन बढ़ना (विशेष रूप से कमर के आसपास), और असामानà¥à¤¯ लिपिड सà¥à¤¤à¤° (कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ लेवलà¥à¤¸) आदि आते हैं।
7. मेमोरी लॉस (Memory Loss)
अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आपके सोचने-समà¤à¤¨à¥‡ और याद रखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। यह आपकी याददाशà¥à¤¤ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। हाई बीपी के कारण आपको कोई कांसेपà¥à¤Ÿ समà¤à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ कठिनाई हो सकती है।
8. डिमेंशिया (Dementia)
कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण डिमेंशिया à¤à¥€ हो सकता है। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो याददाशà¥à¤¤ कमजोर कर सकती है और संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कारà¥à¤¯ (cognitive function - सोचने समà¤à¤¨à¥‡ और याद रखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾) को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ तब पैदा हो सकती है, जब मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को बà¥à¤²à¤¡ पहà¥à¤‚चाने वाली रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ डैमेज होने लगती हैं।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को मैनेज करने के उपाय
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम करने के उपाय में आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली अपना सकते हैं और हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ से बच सकते हैं। नीचे दिठछोटे-छोटे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¥à¤¸ अपनाकर बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रख सकते हैं।
हेलà¥à¤¦à¥€ वेट को मेंटेन रखें
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहें
योग या वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें
सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में सोडियम का सेवन करें
हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट लें
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को मैनेज करना सीखें
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ दें
शराब पीना छोड़ दें
बीपी बढ़ने का कारण कोई à¤à¤• नहीं है। आपके बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के हाई होने के कई कारण हो सकते हैं, जो इस लेख में ऊपर बताये गठहैं। आप अपने हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने के लिठपहले उनके कारणों को जानें कि कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर रहा है। साथ ही साथ यहां बताठगठउपायों को आजमा सकते हैं और अपने बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को नॉरà¥à¤®à¤² रख सकते हैं।
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